- एक महीने के भीतर एडीजी टीम की दूसरी बड़ी छापेमारी ने दिखाया आईना
- जुआ अड्डा पर एडीजी टीम ने की छापेमारी 14 को लिया हिरासत
- एलआईयू के टेबल रिपोर्टिंग से कमजोर हो रही पुलिसिंग :

Chandauli news : जिले की कानून व्यवस्था बेपटरी हो गयी है। यह केवल बयान बाजी नहीं है। बल्कि कटु सत्य है। जिसका खुलासा एडीजी पीयूष मोर्डिया की टीम ने एक माह के अंदर दूसरी बड़ी छापेमारी कर थाना प्रभारियों के साथ साथ बड़े साहब व उनके खुफिया एजेंसियो को आईना दिखाया है। पिछले दिनों अवैध तेल कटिंग का यह टीम भंडाफोड़ किया था जिसमें अलीनगर थाने के कारखास पर मुकदमा दर्ज हुआ था। लेकिन आज तक उसकी गिरफ्तारी यहां की पुलिस नहीं कर पायी। तब तक दूसरी छापेमारी मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के सेमरा गांव के पास नाथुपुर-बखरा में करते हुए गांव के सिवान में संचालित जुए के बड़े अड्डे पर पहुंच गयी। यहां पहुंचने के बाद टीम ने 14 लोंगो को मुगलसराय, अलीनगर व एसओजी की मदद से पकड़ा। वहीं करीब 1 लाख 17 हजार रुपये नकद व 52 मोटरसाइकिलें भी जब्त की गईं। जुआ अड्डा पर एडीजी टीम के कार्यवाही से स्थानीय एजेंसियों के नाकामी का भंडाफोड़ हुआ है।

जुआ अड्डा पर छापेमारी की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी अनंत चंद्रशेखर मुगलसराय कोतवाली पहुंचे और पूरी कार्रवाई का जायजा लिया। पुलिस द्वारा पकड़ी गई सभी मोटरसाइकिलों को ट्रैक्टर के जरिए कोतवाली लाया गया, जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप की स्थिति बन गई और लंबे समय से चल रहे इस जुए के अड्डे का भंडाफोड़ हो गया।
क्षेत्र में जुआ, सट्टाबाजी, चोरी, लूट जैसे अपराध न होने पाये इसके लिए पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक लगातार अपने मातहतों को गूगल मीट से लेकर टेलीफोनिक दिशा निर्देश देते रहते है। लेकिन इसके बाद भी अवैध कार्य जोर शोर से हो रहा है।
एलआईयू के टेबल रिपोर्टिंग से कमजोर हो रही पुलिसिंग : पुलिस की स्थानीय खुफिया एजेंसी (LIU) भले ही जिले में उसकी शाखा है लेकिन यह एजेंसी फिल्ड में काम करने की बजाय टेबल रिपोर्टिंग कर पुलिस अधीक्षक के यहां सूचना पहुंच देती है। जिसके कारण जुआ, तेल कटिंग, गौ तस्करी आदि की सटीक सूचना से कप्तान अनजान बने हुए है। सूत्रों की माने तो एलआईयू के भी कांस्टेबल अपने क्षेत्र के थानों पर तैनात एक दो सिपाही को अपना मुखबीर बनाये हुए है। उनके द्वारा जो सूचना दी जाती है उसे ही मान लेते है। इसके अलावा जिन थाना प्रभारियों से इनके संबध ठीक है उस क्षेत्र में सब कुछ चंगा का रिपोर्ट दे देते है। किस थाने पर कौन कारखास है इसकी सूचना इन लोंगो के पास सटीक रहती है।