महान विभूतियों के ब्यक्तित्व से सीख लेने कि जरूरत

Chandauli news: महाराजा सुहेलदेव 11वीं सदी के श्रावस्ती (उत्तर प्रदेश) के एक महान और वीर राजा थे, जो अपनी बहादुरी के लिए जाने जाते हैं, खासकर 1034 ई. में बहराइच में महमूद गजनवी के सेनापति सैयद सालार मसूद गाज़ी को हराने वाले योद्धा थे। ऐसे महान योद्धा के ब्यक्तित्व से सीख लेने कि जरूरत है। उक्त बातें शुक्रवार को सैदराजा विधायक सुशील सिंह ने ग्रामसभा पिपरी में विधायक निधि से महाराजा सुहेलदेव राजभर जी की स्मृति में बनाए गए गेट व प्रतिमा अनावरण के दौरान कहा।

उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव राजभर का इतिहास समाज के हर व्यक्ति को पता है। उन्होंने कहा बहराइच की धरती पर महाराजा सुहेलदेव राजभर ने भी देश और धर्म की रक्षा का कार्य किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार महाराजा सुहेलदेव के सम्मान में लगातार कार्य कर रही है। बहराइच की धरती पर उनकी प्रतिमा, पार्क का निर्माण कराया गया है और उनके नाम से ट्रेन भी चलाई गई है।
विधायक ने कहा कि आज जो स्मृति गेट और प्रतिमा लगवाई गई है, यह एक संकल्प का परिणाम है। उन्होंने राजभर समाज से शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी के बेटे या बेटी पढ़ाई या खेल में प्रतिभाशाली हैं और आर्थिक परेशानी के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं, तो वे उनसे सीधे संपर्क करें। ऐसे बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च “आपका बेटा-भाई सुशील सिंह” उठाएगा।
उन्होंने कहा कि राजभर समाज को सबसे अधिक आवश्यकता शिक्षा की है। जिस दिन राजभर समाज पढ़-लिख जाएगा, वह अपना इतिहास स्वयं लिखेगा इसमें कोई दो राय नहीं है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने विधायक के इस प्रयास की सराहना की और महाराजा सुहेलदेव राजभर के जयकारों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। आनंद राजभर जिला अध्यक्ष ,महेन्द्र सिंह प्रमुख प्रतिनिधि, इंद्रजीत बिंद मंडल अध्यक्ष ,रमेश राय पूर्व प्रधान ,संजय मौर्य प्रधान, विजय शंकर सिंह, वकील राजभर ,महेंद्र राजभर, राहुल राजभर ,अमरजीत राजभर।