धानापुर के नगवा में एक साथ मंच पर बैठे सुशील व मनोज
दोनों नेताओं ने अपने फेसबुक पेज पर साथ वाली फोटो किया आपलोड
Chandauli news : कबीरा संगति साधु की, ज्यों गंधी की बास। जो कुछ गंधी दे नहीं, तो भी बास सुबास।।” मतलब साधु की संगति इत्र बेचने वाले (गंधी) की तरह है, चाहे वह कुछ न दे, फिर भी उसकी संगत से अच्छी सुगंध (अच्छे गुण) आ ही जाती है। कुछ ऐसा ही नजारा रविवार को सैदराजा विधानसभा के नगवा में देखने को मिला। जहाँ राजनैतिक विरोध की बात तो दूर एक दूसरे पर ब्यक्तिगत टिप्पणी करने वाले दो धूर विरोधी एक मंच पर केवल दिखे नहीं बल्कि एक साथ घंटो समय ब्यतीत किये। जिसकी चर्चा रामकथा से भी ज्यादा रहा। दोनों लोग अपने अपने फेसबुक पेज पर साथ साथ होने का फोटो भी आपलोड कर दिए। जिसका लाइक व कमेंट में लोग जमकर सराहना कर रहे है।

सैयदराजा ग्राम नगवां में रामकथा हो रहा है। इस कार्यक्रम में महामण्डलेश्वर भवानीनन्दनयति जी महाराज का आगमन हुआ है। जहाँ आशीर्वाद देने के लिए सैदराजा विधायक सुशील सिंह, उनके साये की तरह साथ रहने वाले धानापुर ब्लाक प्रमुख अजय सिंह खलनायक पहुंचे थे। उसी कार्यक्रम में सैदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू भी पहुंच गए। सुशील व मनोज के बीच राजनैतिक प्रतिद्वंदिता इस कदर है कि यह लोग ब्यक्तिगत कटाक्षकरने से पीछे नहीं रहते। यहां तक कि किसी कार्यक्रम में संयोग वश पहुंच गए तो एक दूसरे के सामने नहीं होते।

लेकिन यहां संत समागम में यह कटुता दूर हो गयी। महामंडलेश्वर भवानीनंदनयति जी का आदेश या उनके सानिध्य का असर रहा कि मंच पर दोनों धूर विरोधी एक साथ केवल दिखे ही नहीं बल्कि एक साथ मंच पर घंटो बैठे। ऐसा भी नहीं रहा कि मंच के बाई और दाहिने बैठे बल्कि एक साथ बैठे। नजदीकियां इस कदर बनी कि सुशील सिंह के साये कि तरह रहने वाले अजय सिंह खलनायक भी इस समागम में अपने आपको थोड़ा सा दूर कर लिए ।

पहले सुशील सिंह फिर मनोज डब्लू उसके बाद अजय सिंह बैठे।यही नहीं महामंडलेश्वर ने अपने वाहन में भी दोनों विधायकों को एक साथ बैठाकर गंगा पार ले गए।