छुट्टी के नाम पर बड़े बाबू कार्यालय में लगता है पैसा

Chandauli news : भ्रस्टाचार कि बात हो या अपराध हर जगह इसे रोकने के लिए पुलिस मौजूद रहती है। लेकिन अपने ही विभाग में बड़े बाबू के भ्रस्टाचार पर रोक लगाने में पुलिस कर्मी के हाथ रुक जाते है। यहां छुट्टी के नाम पर दस दस हजार रुपया तक लिया जाता है। यही नहीं ईलाज के नाम पर खर्च पैसे को बरामद करने के लिए भी पुलिस कर्मियों को पैसा देना पड़ता है।
शासन स्तर से छुट्टी आदि के नाम पर होने वाले भ्रस्टाचार व कर्मचारियों के परेशानी को कम करने के लिए मुख्य सचिव एस पी गोयल ने पत्र के माध्यम से सभी पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि मानव सम्पदा पर पुलिस कर्मियों के आय का ब्योरा भरा जाय।। जिसका पालन कराने में बहुत ही रूचि ली गयी। जिसका परिणाम रहा कि जनपद में लगभग 2500 कर्मचारियों के आय का ब्योरा समय से भर दिया गया। जबकि पुलिस कर्मियों के ईएल, सीएल, मेडिकल जैसे अवकाश भी शासन ने मानव सम्पदा के माध्यम से करने का निर्देश दिया है। लेकिन इसका पालन दूर दूर तक नहीं हो रहा। सूत्रों कि माने तो ईएल व मेडिकल बड़े बाबू द्वारा कराया जाता है जिसके लिए निर्धारित सुविधा शुल्क तय है। बिना इसके यह छुट्टी बड़े बाबू के फाइल में ही दम तोड़ती है। मानव सम्पदा पर छुट्टियों का आवेदन शुरू हो जायेगा तो यह आमदनी प्रभावित होगी। जबकि इस आदेश को पालन कराने के लिए मुख्यालय से कई बार रिमाइंडर भी आ चुका है। लेकिन यहां सीधे लाभ प्रभावित होता दिख रहा है। ऐसे में कि रिमाइंडर को बड़े बाबू बड़े अधिकारियों तक पहुंचने ही नहीं देते। एक बार फिर से 12 फ़रवरी को छुट्टी को मानव सम्पदा के माध्यम से कराने का निर्देश रिमाइंडर के माध्यम से आया है। लेकिन इसका पालन कितना होगा यह संयोजक के गर्त में है।