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प्यार का दर्दनाक अंत , प्रेमिका हुई सुपुर्दे खाक, प्रेमी का जला चिता

चकिया के डिरेहूँ पहाड़ी पर प्रेमी प्रेमिका ने खायी थी विषाख्त

पुलिस दोनों को ले गयी थी अस्पताल, प्रेमिका अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ दी दम, 8 घंटे बाद प्रेमी कि मौत




Chandauli news : इश्क पर जोर नहीं है ये वो आतिश ‘ग़ालिब’, कि लगाए न लगे और बुझाए न बने” -मिर्ज़ा ग़ालिब कि इस लाईन को चकिया के प्रेमी युगल ने साबित कर दिया। घर परिवार व सामाजिक बंधनों का इन दोनों के प्यार पर इस कदर पहरा लगाया कि प्रेमी युगल के आगे कोई रास्ता ही नही दिख रहा। इसके बाद तो दोनों ने साथ जीने न देने कि बंदिश को छोडकर साथ साथ मरने का निर्णय ले लिए। उन सभी के सच्ची मोहब्बत के इस निर्णय में कोई भी बाधक नही बन पाया। जिसके बाद प्रेमिका सुपुर्दे खाक हो गयी तो वहीं प्रेमी के शरीर को चिता कि लपटो में जलना पड़ा।
चकिया कोतवाली के डिरेहूँ पहाड़ी पर गुरुवार को एक युवक व युवती अचेतावस्था में पड़े थे। जिसकी जानकारी आस पास के लोंगो ने पुलिस को दिया। पुलिस मौके पर पहुंची तब देखा कि दोनों के मुंह से झाग निकल रहा है। यह स्थिति देख बिना देर किये चकिया संयुक्त अस्पताल ले गयी। लेकिन युवती कि मौत हो गयी। जबकि युवक कि हालत नाजुक होने पर ट्रामा सेंटर भेज दिया गया। जहाँ देर शाम प्रेमी के भी प्राण पखेरू हो गये। अब दोनों के प्यार में बाधक बने लोग एक को सुपुर्दे खाक के लिए कब्रिस्तान ले गये जबकि प्रेमी के शरीर को जलाया गया।
ऐसे हुआ प्यार और लगी इतनी पाबंदी :
चकिया बाजार में सब्जी कि दुकान लगाने वाले युवक को एक गांव कि गैर हिन्दू लड़की से दुकान पर आते जाते परिचय हुआ जो धीरे धीरे प्यार के परवान चढ़ गया। इन दोनों ने अपने प्यार को कुछ दिनों तक छुपायें रखा लेकिन जैसे जैसे समय ब्यतीत होता गया दोनों कि नजदीकियां जगह जाहिर जो गयी। एक दूसरे के घर पता चला। परिवार के लोग विरोध में हो गये। इसके बाद दोनों के एस प्यार के पर को कतरने कि कोशिश कि गयी। इसके लिए पुलिस का भी सहारा लिया गया। प्रेमिका के परिजनों ने जबरदस्ती छेड़खानी आदि का शिकायत थाने में किये। पुलिस भी कानूनी दाव पेंच में पाक्सो आदि धाराओं में जेल भेज दिया। इसके बाद कुछ दिनों तक जेल में समय ब्यतीत करने के बाद पुनः छूटकर वापस आया। सूत्रों कि माने तो पुलिस मजिस्ट्रेट के सामने 164 का बयान कराने ले गयी थी उस समय प्रेमिका ने प्रेमी के पक्ष में बयान दिया था। लेकिन क़ानून के हिसाब से लड़की नाबालिक थी इसके कारण प्रेमी को जेल जाने से कोई रोक नही सका। प्रेमी के जेल जाने के बाद भी दोनों का दिल एक दूसरे के लिए ही धड़क रहा था। जेल से छूटने के बाद ज़ब प्रेमी बाहर आया तो फिर डॉन एक दूसरे से मिलने जुलने का सिलसिला जारी रखा। लेकिन इन सभी को एक होने में परिजनों का दबाव बाधक बन रहा था। फिर दोनों ने साथ जीने कि जगह एक साथ मरने का निर्णय लिया। पहाड़ी पर जाकर विशाख्त पदार्थ खाकर जिंदगी का दर्दनाक अंत कर लिया। इसके बाद लड़की के परिजनों ने कब्रिस्तान में दफन किया तो वहीं लडके के परिजन अग्नि के हवाले कर दिया।

मृत्युंजय सिंह

मैं मृत्युंजय सिंह पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त न्यूज़ सम्प्रेषण के डिजिटल माध्यम से जुडा हूँ.मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की ख़बरों को प्रमुखता से उठाना एवं न्याय दिलाना है.जिसमे आप सभी का सहयोग प्रार्थनीय है.

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