वीआईपी गेट, चकिया तिराहे के कैमरे को धता बताकर बदल दिया स्टेशन
ब्यासनगर, कैलहट, कुचमन,सकलडीहा तुलसी आश्रम से चढ़ रहे तस्कर

Chandauli news : बिहार चुनाव के कारण शराब कि तश्करी जोर पकड़ न पाये इसके पूर्व ही इसे रोकने कि योजना पुलिस बना रही है। इसमें पुलिस अधीक्षक ने जीआरपी व आरपीएफ के सीनियर अधिकारियों से लेकर स्थानीय प्रभारियों के साथ बैठक कर योजना बनाये है। जिसके बाद मुगलसराय के वीआईपी गेट व चकिया तिराहे पर 360*राउंडअप कैमरा लगाया गया है। यह कैमरा खास कर शराब तस्करी को रोकने के लिए मुख्य मार्ग पर लगाया गया है।

पुलिस के लाख जतन के बाद भी वहीं कहानी तू डाल डाल हम पात पात, मतलब मुगलसराय में निगाह रखिये अब दूसरे स्टेशन से चढ़ेंगे। सूत्रों कि माने तो बुधवार से व्यासनगर, कुछमन, सकलडीहा स्टेशन होते हुए बिहार को जाने वाली लोकल पेसेंजर में सवार हो लिए। यही नहीं कुछमन से रेल मंडल दानापुर हो जाता है. जिसके बाद आरपीएफ का कमांड हटकर दानापुर मंडल का शुरू हो जाता है। कुचमन, सकलडीहा, तुलसी आश्रम कि स्थिति यह है कि यहाँ से थाना दूर पड़ता है। ऐसे में यह सबसे सुगम व सरल स्थान है।
शहरों में कप्तान का ध्यान ग्रामीण क्षेत्र में हो रहा खेल : मिनी महानगर में ट्रेन कि उत्तम व्यवस्था के कारण शराब तस्करों कि प्रथम वरियता मुगलसराय, अलीनगर भले ही है। जिसपर पुलिस अधीक्षक गंभीरता दिखाते हुए सीसटीवी लगवा कर मानिटरिंग करवा रहे है। लेकिन तस्कर केवल मिनी महानगर तक ही सिमित नहीं बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्र के शराब ठेकों से भी माल बिहार पार करा रहे। साहब का निगाह इधर नहीं पड़ रहा इसका फायदा थाना प्रभारी भी उठा रहे।
सूत्रों कि माने तो सकलडीहा, धीना, इलिया, शाहबगंज में तो बकायदे इन दुकानों कि एक्जाई एस बात पर ही दुगुना किया गया है। देशी शराब कि दुकान पहले थानों को 2500-5000₹ देती थी अब वह 5000-10000, कम्मोजिट दुकान से सीधे 20000₹ लिया जा रहा। लाइसेंस धारक भी पुलिस कि एक्कजाई देकर खुलेआम 10 बजे के बाद शराब छोले में भरकर तस्करों के माध्यम से पार करा रहे।