- किन्नर के गिरफ्तारी पर पूरे जिले के थाना प्रभारियों को एसपी ने लगाया

घटना के बाद पूर्व मंत्री से मुलाक़ात
Chandauli news : बलुआ थाने के मोहरगंज निवासी खुशबू किन्नर अपने ही बिछाए जाल में इस कदर फंस गयी की उसे पुलिस के चंगुल से कोई छुड़ा नहीं सका। स्थिति यह हो गयी की खुशबू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
मोहरगंज में दर्जनों किन्नरों का एक जत्था रहता है। इसमें सबकी अध्यक्ष खुशबू है। खुशबू के घर पिछले दिनों एक विस्फोट हुआ था। जिसमें महुअर के दो युवकों सहित एक दर्जन को अभियुक्त बनाया गया था। इन सभी पर कार्यवाही हो सके इसके लिए चहनियां चौराहा पर जमकर बवाल काटे थे। पुलिस भी किन्नरों के आतंक से आतंकित होकर तत्काल मुकदमा दर्ज कर अभियुक्तों की गिरफ्तारी में इतनी तेजी दिखायी की तीन दिन के अंदर ही 50 हजार का इनामिया घोषित कर दिया। ईनाम घोषित होते हीअभियुक्त फरारी काटने लगे। हलांकि किसी तरह स्थिति नियंत्रित करते हुए अभियुक्त पुलिस के सामने आत्म समर्पण किया।
उधर किन्नर के द्वारा फर्जी अभियुक्त बनाये जाने व पुलिस को दबाव में काम करने की शिकायत अभियुक्त के परिजन मुख्यमंत्री से जाकर किये। जिसके बाद मामले की जांच मुख्यमंत्री से कराने का आदेश देते हुए थाना प्रभारी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दे दिए। सीएम द्वारा जांच कराने का आदेश मिलने के बाद एडीजी ने अपर पुलिस अधीक्षक जौनपुर से जांच करा दिए। जिसमें मामला सामने आया की बम विस्फोट के बाद खुशबू किन्नर अपने व सहयोगियों के द्वारा जिन लोंगो को अभियुक्त बनायी है उनसे लगातार रंगदारी की मांग कर रही है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने तत्कालीन थाना प्रभारी के प्रति उदारता दिखाते हुए मुख्यमंत्री के आदेश को ठेंगे पर रखते हुए केवल किन्नर व एक अन्य के लिलाफ रंगादारी मांगने आदि का मुकदमा दर्ज करा दिए। जबकि पीड़ित पक्ष द्वारा आधा दर्जन लोंगो को इस कांड नीव रखने के लिए नामजद प्रार्थना पत्र दिया था। आधा अधूरे लोंगो पर मुकदमा दर्ज होते ही गिरफ्तारी की कार्यवाही शुरू हो गयी। बलुआ थाना से लेकर मोहरगंज चौकी को पर इतनी फ़ोर्स ड्यूटी में लगा दी गयी जैसे दो देश के बीच तनाव व युद्ध का मामला हो। जिले के सभी थाना प्रभारियों के साथ साथ पीएससी बल भी लगाया गया। इसके बाद खुशबू किन्नर को पुलिस गिरफ्तार कर ली। उनके कुछ सहयोगियों को भी दूसरे थाने के प्रभारी के हिरासत में तब तक रखा गया। ज़ब तक न्यायालय में पेश कराकर जेल नहीं भेज दिया गया। उसके बाद हिरासत में लिए गए व्यक्ति को छोड़ा गया। अब खुशबू के गिरफ्तार होने पर किन्नर बवाल न करें इससे निपटने के लिए अलग से टीम गठित की गयी है।