महाशिवरात्रि में मिल रहा श्रवन नक्षत्र, रुद्राभिषेक का बढ़ेगा प्रभाव : कौशलेन्द्र

Chandauli news : महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पावन पर्व है जो 15 फरवरी (रविवार )को मनाई जाएगी। इस बार तिथि को लेकर कुछ लोगों के मन में भ्रम था कि व्रत 15 को रखा जाए या 16 फरवरी को, लेकिन शास्त्रों के अनुसार 15 फरवरी को ही पर्व मनाना उचित रहेगा। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि इस बार 15 फरवरी शाम 5 बजकर 5 मिनट से शुरू होकर 16 फरवरी शाम 5 बजकर 35 मिनट तक रहेगी। भगवान शिव विवाह के समय मध्य रात्रि में चतुर्दशी 15 फरवरी की रात को ही रहेगी इसलिए इसी दिन महाशिवरात्रि मनाना शास्त्रसम्मत है।
कर्मकांड के मर्मज्ञ पंडित कौशलेन्द्र पाण्डेय बताते है कि इस बार महाशिवरात्रि के दिन सूर्य, बुद्ध शुक् व राहु एक स्थान पर कुम्भ राशि में रहकर अद्भुत चतुग्रही योग का निर्माण कर रहे हैं। प्रमुख ग्रहों की युति के साथ भगवान शिव की आराधना का मनुष्य पर अलौकिक प्रभाव । इसके अलावा बुधादित्य योग एवं सर्वाधसिद्धि योग का भी रहेगा शाम को साढ़े पांच बजे के बाद श्रवण नक्षत्र शुरू हो जायेगा । शास्त्रों में श्रवण नक्षत्र को शिवराधना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। साथ ही इस दिन शिववास योग का संयोग भी हैं। जो रुद्राभिषेक के फल को कई गुना बढ़ा देते है।