भीम आर्मी पर भड़के एसडीएम तब शांत हो गये मूर्ति को लेकर बवाल करने वाले
सकलडीहा चंदौली मार्ग के चौडीकरण के बीच आ गयी थी मूर्ति

Chandauli news : बाबा साहब अम्बेडकर के मूर्ति को रखकर जमीन कब्जा करने वालों के बेवजह मांग को सुनते सुनते आख़िरकार एसडीएम सकलडीहा को अपने तेवर में आना ही पड़ गया। इसके बाद तो मांग करने वाले पीछे हटते दिख गये। उन्होंने कहा कभी बाबा साहब अपनी मूर्ति लगवाने के पक्ष में नहीं थे। उन्होंने संबिधान कि बात कहा। जिससे देश व समाज के उन लोंगो का विकास हो सके जो मूल धारा से अलग है। उनके विचारों को आत्मसात करने कि बजाय बाबा साहब कि मूर्ति को मुद्दा ना बनाइये। इतना कहते ही प्रशासन भी शख्त होने लगी जिसके बाद मुद्दे को तूल देने वाले बंगली झाकने लगे।
दरसल मामला सकलडीहा तिराहे का है। जहाँ 1995 में अम्बेडकर कि एक प्रतिमा स्थापित कर दी गयी थी। वर्तमान समय में सड़क चौरीकरण का कार्य हो रहा है। जहाँ पर बाबा साहब कि मूर्ति स्थापित थी वह जमीन पीडब्लूड़ी कि है। इसके कारण विभाग उक्त मूर्ति को हटाने कर दुसरे स्थान पर स्थापित करने कि रिपोर्ट जिला प्रशासन को दी थी।
विकास कार्य मूर्ति के कारण थम गया था। जिसपर तहसील प्रशासन ने मूर्ति के पास ही एक ब्यक्ति द्वारा सरकारी भूमि अतिक्रमण किये जाने को खाली कर दिया। उक्त मूर्ति को वहीं स्थापित कर दिया गया। शनिवार को मूर्ति का स्थान परिवर्तित होने कि जानकारी पर भीम आर्मी, अम्बेडकर सेवा समिति, बहुजन समाज पार्टी के लोग जुट गये। मूर्ति दुसरे स्थान पर लगाएं जाने का विरोध शुरू कर दिया। जिसके जिसकी जानकारी होने के बाद कई जिले कि फोर्स मौके पर पहुंच है।
जानकारी के बाद एसडीएम कुंदन भी पहुंच गये।
आंदोलन कारियों को बहुत समझाने का प्रयास किये
तहसील प्रशासन के ढीले स्वभाव को देखते हुए आंदोलकारी और जोर पकड़ने लगे। इसके बाद तो एसडीएम कुंदन राज अपने तेवर में दिखे। उन्होंने कहा कि मूर्ति जमीन अधिग्रहित करने का जरिया नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी आदि का निर्माण बाबा साहब के नाम पर किया जाय।