- जिले में एक दर्जन से अधिक विद्यालय बिना मान्यता के हो रहे संचालित
- आलोक व तपोवन जैसे विद्यालय मिले बिना मान्यता के

Chandauli news : बच्चे के उज्ज्वल भविष्य व बेहतर शिक्षा के लिए कहीं आप विद्यालय के दीवालों का चमक धमक देखकर प्रवेश तो नहीं दिला रहे है। कुछ ऐसा है तो हम आपको सतर्क कर रहे है। जिले में शिक्षा के नाम पर एक अलग शिक्षा माफिया सक्रिय है जहाँ केवल ईंट कि दीवारें रंग रोगन कर तैयार है। लेकिन इन विद्यालयों को शासन ने पढ़ाने के लिए मान्यता नहीं दिया है। लेकिन बिना किसी डर भय के साथ यहाँ प्रवेश लिया जा रहा है। कुछ तो ऐसे भी शिक्षा माफिया है जो अपने विद्यालय का ब्रांच शाखा कमीशन पर चलवा रहे है। जनपद में ऐसे शिक्षा माफियाओं पर जिलाधिकारी कि निगाह पड़ी है। शनिवार को जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजकर इन विद्यालयों का हकीकत पता कराए है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार ने विकास खंड सदर में पांच मान्यता प्राप्त विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इसमें आलोक इंटर कॉलेज, तपोवन विद्यालय, फोनिक्स स्कूल, इंडियन पब्लिक स्कूल और सूर्या जूनियर हाई स्कूल का निरीक्षण किये। जिसमें आलोक इंटर कालेज में यूपी बोर्ड से कक्षा संचालित करने कि अनुमति थी। जबकि अन्य विद्यालयों में केवल कक्षा एक से 8 तक की मान्यता होने के बावजूद उसमें कक्षा 9 से 10 और कुछ विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं संचालित हो रही थी। निरीक्षण के दौरान विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा गया। लेकिन सभी संतोषजनक उत्तर देने में असफल रहे।
कक्षा 9 से 12 के छात्रों से बातचीत में सामने आया कि उनका नामांकन अन्य विद्यालयों में है। लेकिन वे यहां अनाधिकृत कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे हैं। इसे शिक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना गया है। जिसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रेषित कर दी गयी। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने चारों विद्यालयों को तत्काल प्रभाव से केवल मान्यता प्राप्त कक्षाएं संचालित करने के निर्देश देते हुए नोटिस जारी किया गया है।