Ayodhya,ChandaulimumbaiUncategorizedअंतरराष्ट्रीयअध्यात्मअयोध्याउत्तर प्रदेशक्राइमखेलगोरखपुरचंदौलीझांसीबांदामनोरंजनमिर्जापुरमुरादाबादराजनीतिराज्यराष्ट्रीयलख़नऊवाराणसीशिक्षा/रोजगारस्वास्थ्य

बंजर भूमि के अतिक्रमणकारी को हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत, राजस्व टीम ने वर्षो का निर्माण गिरवाया

  • तहसीलदार कोर्ट ने बेदखली का दिया आदेश, तो अतिक्रमण कारी हाईकोर्ट का लिया शरण
  • हाईकोर्ट ने एसडीएम को तहसीलदार कोर्ट के आदेश को पालन कराने का दिया था आदेश


Chandauli news : बंजर भूमि, खलिहान व चकरोड़ पर कब्जा करने वालों को हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिलने वाला। सुप्रीम कोर्ट ने तालाब, खलिहान, बंजर भूमि व चकरोड़ पर कब्जा करने वालों को किसी भी स्थिति में राहत न देने का आदेश दिया है। जिसके क्रम में सकलडीहा तहसील की राजस्व टीम नायब तहसीलदार के नेतृत्व में  ग्राम विरना स्थित आराज़ी नंबर 738 बंजर भूमि से प्रहलाद यादव आदि का अतिक्रमण पूर्ण रूप से हटवा हटवा दिया। राजस्व टीम की कार्यवाही से हड़कम्प मच गया।


एसडीएम कुंदन राज कपूर ने बताया की विरना गांव के आराजी नंबर 738 पर प्रहलाद यादव व अन्य का कब्जा था। यह लोग पक्का निर्माण कर लिए थे। जिसकी जानकारी होने के बात लेखपाल द्वारा 67 की कार्यवाही की गयी थी। जिसके क्रम में तहसीलदार कोर्ट से बेदखली का आदेश पूर्व में हुआ था। तहसीलदार कोर्ट के आदेश को अतिक्रमणकारी ने उच्च न्यायालय में चुनौती दिया लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। बल्कि उच्च न्यायालय ने याचिका को ख़ारिज करते हुए एसडीएम को बेदखली कराने का निर्देश देते हुए एक सप्ताह में अनुपालन आख्या तलब किया है।

उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में शुक्रवार को नायब तहसीलदार के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाया गया। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि के रूप में सुरक्षित तालाब, स्कूल, बंजर भूमि पर कब्जा करने वालों को उच्चतम न्यायालय ने ही राहत न देने का निर्देश दिया है।

मृत्युंजय सिंह

मैं मृत्युंजय सिंह पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त न्यूज़ सम्प्रेषण के डिजिटल माध्यम से जुडा हूँ.मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की ख़बरों को प्रमुखता से उठाना एवं न्याय दिलाना है.जिसमे आप सभी का सहयोग प्रार्थनीय है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page