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मुहूर्त पर भाई के कलाई पर राखी बांधने निकली बहनों के लिए “राहु” बना जाम

जिले में यातायात ब्यवस्था हुई बेपटरी, सर पीटती रही पब्लिक

राखी बंधवाने आये कई वीवीआईपियों के कार्यक्रम में थानों कि लगी रही फोर्स




Chandauli news : भाई के कलाई में रक्षा सूत्र बांधकर अपने रक्षा का वचन लेने लिए भाईयों के घर मुहूर्त बेला में पहुंचने कि इच्छा लिए घर से निकली बहनों के लिए रास्तों का जाम राहु बनकर सामने खड़ा मिला। हलांकि अटूट बंधन व विश्वास ने इसका सामना किया। बहनें अपने भाई के घर पहुंचकर रक्षा सूत्र बांधकर एस पवित्र रिश्ते का निर्वहन किया।


सावन माह कि पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन का त्यौहार पूरे भारत में मनाया जाता है। शनिवार को सुबह ब दोपहर बाद शुभ मुहूर्त था। अभिजीत मुहूर्त में अपने भाइयों के कलाई पर रक्षा बांधने कि शुभ घड़ी थी। जिसको ध्यान में रखते हुए बहनें अपने पति व बेटों के साथ मायके कि तरफ रुख कर ली. जिसके कारण सामान्य दिनों कि अपेक्षा सड़क पर अचानक एक साथ वाहनों का लोड बढ़ गया।

त्यौहार के बावजूद भी अतिरिक्त फोर्स कि बात तो दूर जिले में कई वीवीआईपी जिन्हे एक्स वाई जेड सभी श्रेणी कि सुरक्षा के बावजूद भी उनके प्रोटोकाल में कई थानों कि फोर्स को लगा दिया गया. एक तो ऐसे ही फोर्स कि कमी का रोना रोने वाले थाना प्रभारियों के लिए यह वीआईपी ड्यूटी कोढ में खाज का काम दिया।

जिसका परिणाम रहा कि जिसका परिणाम रहा कि चंदौली से सैदपुर के बीच भोजापुर रेलवे क्रसिंग, सकलडीहा सघन तिराहा व अलीनगर तिराहा, पंचफेड़वा से पड़ाव के बीच सकलडीहा तिराहा, गंजी प्रसाद तिराहा व वीआईपी गेट पर गाड़ियों का रेला लग गया। स्थिति यह हो गयी घंटो जाम में लोग फंसे रहे। पुलिस अधिकारियों के फोन लगातार बज रहे थे। अधिकारी अपने विवशता को उजागर करने कि बजाय अपने मातहतों को दिशा निर्देश रहे थे। इसके पीछे का कारण यह रहा कि इतने बड़े त्यौहार में भी प्रभारी छुट्टी काट रहे है। जो चार्ज पर है उन लोंगो के पास पहले से कोई रोड़ मैप नहीं था। जबकि हर वर्ष भोजापुर क्रसिंग पर जाम लगता है। हल्का प्रभारी को इससे कोई लेना देना नहीं। यह बात अलग है कि किसी प्रार्थना पत्र के नाम पर वह दूर के किसी गांव में दावत में मशगुल रहे। स्थिति यह हो गयी कि स्थिति यह हो गयी सकलडीहा का जाम छुड़ाने के लिए धीना थाना बुलाना पड़ा इसके बाद कड़ी मशक्कत के बाद लोग गंतव्य स्थान तक पहुंचे।

मृत्युंजय सिंह

मैं मृत्युंजय सिंह पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त न्यूज़ सम्प्रेषण के डिजिटल माध्यम से जुडा हूँ.मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की ख़बरों को प्रमुखता से उठाना एवं न्याय दिलाना है.जिसमे आप सभी का सहयोग प्रार्थनीय है.

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