शांसोधन आदेश का नहीं हुआ पालन, विद्यालय से घर को लौटे बच्चे

Chandauli news : जिले में सकलडीहा तहसील व मुगलसराय तहसील के आंशिक हिस्से में बाढ़ का रौद्र रुप है। जिसके कारण घर गृहस्थी छोड़ लोग सरकारी राहत शिविर या फिर नजदीक के रिश्तेदारों के यहां जीवन यापन कर रहे है। जीका प्रशासन से लेकर सरकार भी इन पीड़ितों के मदद को आगे आ गयी है। छोटी छोटी व जरूरत पर ज्यादा फोकस है।

ऐसे में बच्चों के पढ़ाई पर भी ध्यान है। बेसिक शिक्षा अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को पास के सरकारी विद्यालय में समायोजित करते हुए पठन पाठन कि ब्यवस्था करने का निर्देश मातहतों को दिए है। अभी एस आदेश का पालन होता तब तक माध्यमिक शिक्षा के मुखिया ने समस्त विद्यालय को 7 अगस्त के दिन बाढ़ को देखते हुए बंद रखने का निर्देश जारी कर दिए। डीआईओएस के आदेश के बाद विद्यालय ने भी आपदा में अवसर ढूंढ़ते हुए बच्चों के अभिभावकों को एक मैसेज भेज दिया कि जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में 07 अगस्त को विद्यालय बंद रहेंगे। अब डीआईओएस के आदेश पर मिडिया ट्रायल हुए तो पता चला कि पिछले दिनों मौसम विभाग द्वारा भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया था।
जिसके कारण पिछले 05 अगस्त के दिन सार्वजनिक छुट्टी घोषित करने का आदेश जिलाधिकारी ने दिया था। उसी आदेश को बाबू ने कॉपी पेस्ट करते हुए जारी करा दिया। साहब भी आँख बंद कर उसपर हस्ताक्षर कर दिए। बाद में ज़ब अपने ही आदेश को विधिवत पढ़े तब बात समझ में आयी। फिर क्या था बेचारे साहब घर पर ही प्लेन पेपर कि ब्यवस्था कर अपने हाथ से शंसोधन आदेश बनाकर जिला सूचना को भेज दिए। आपा धापी मन सूचना विभाग ने भी उस आदेश को मिडिया ग्रुप में शेयर कर दिया। हलांकि यह सब करते कराते रात्रि के 11 बज गये। ऐसे ही सामान्य दिनों में स्कूल जाने से कतराने वाले अध्यापक देर रात्रि में आये आदेश को दरकिनार करना ही मुनासिब समझ छुट्टी के पहले आदेश को ही लागू रखें। अब ऐसे में विद्यालय बंद होने का कौन दोषी होगा यह अधिकारियों के लिए खुद कंन्फ्यूजन बना हुए है।