बिजली के लिए जनरेटर, बच्चों का अलग से नामांकन
तीन से ब्यवस्था ज़ब तक स्थिति सामान्य नहीं होगी अनवरत रहेगी यह ब्यवस्था : एसडीएम

Chandauli news : गंगा के रौद्र रुप ने डीडीयू नगर व सकलडीहा तहसील के दो दर्जन से अधिक गांव को प्रभावित किया है। गांव के लोंगो को बाढ़ राहत शिविर में पहुंचाया जा रहा है। इसमें डीडीयू नगर का बाढ़ चौकी बहादुर मॉडल शिविर बन गया है। सम्भवतः प्रदेश का पहला ऐसा राहत शिविर होगा जहाँ अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध है।

राहत शिविर को रेड कारपेट से सुसज्जित किया गया है। पानी के लिए एटीम लगा है, 200 लीटर छमता के चार चार कूलर, एक दर्जन स्टैंड वाले पंखे लगे है। बच्चों के मनोरंजन के लिए एलिड़ी टीवी लगे है। महिलाओं को कपड़ा बदलने के लिए चेंर्जिंग रूम की व्यवस्था है, सोने के लिए जो बेड विस्तर लगे है।

यह सब तैयारी कहीं बाढ़ पीड़ितों से बात करने के लिए मंत्री जी को पहुंचना था उस दौरान कहीं उनको पीड़ितों के चारपाई पर बैठना न पड़ जाय। उस दौरान उनके सफ़ेद कुर्ते पर दाग न लग जाय इसका विशेष ध्यान रखा गया था। ब्यवस्था देखकर यही लग रहा जैसे आज ही खरीदकर ग्रामीणों के लिए सफेदी से लकदक बेडसीट लगे है।
सामान्य दिनों में विद्यालय का निरीक्षण करंव की बजाय अपने शूटरों को भेजकर विद्यालय जांच कराने वाले एबीएसए खुद पीड़ित क्षेत्र से आये 50 बच्चों का रजिस्ट्रेशन हुआ था। जिन्हे एबीएसए खुद पढ़ा रहे थे। बच्चों को फल व दूध की ब्यवस्था की गयी थी। हलांकि उपजिलाधिकारी डीडीयू नगर अनुपम मिश्रा ने बताया की यह पिछले तीन दिन से ब्यवस्था है और ज़ब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती तब तक यह व्यवस्था रहेगा। बाढ़ राहत शिविर की स्थिति यही रहा तो प्रदेश के लिए यह एक रोल मॉडल हो जायेगा।