साहब! बेटा है सूर, तीन बार से तहसील दिवस में दे रहा प्रार्थना पत्र नहीं सुन रहे आपके मातहत
एक बार फिर से जिलाधिकारी का नि.आ. का निर्देश
Chandauli news: तहसील दिवस पर पड़ने वाले प्रार्थना पत्र का एक सप्ताह में कार्यवाही की रिपोर्ट देने वाले अधिकारियों के झूठ का पर्दाफाश शनिवार को उस समय हुआ। ज़ब चकिया तहसील में जिलाधिकारी के अध्यक्षता में अधिकारी फरियाद सुनने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान कुल 65 प्रार्थना पत्र पड़े। 06 का मौके पर निस्तारण भी दिखा दिया गया। शेष संबन्धित विभाग को दे दिया गया।

तहसील दिवस में केराडीह गांव निवासी 25 वर्षीय सूर बिंदु का सहारा बने पिता गुरु चंद चौहान व मां सविता देवी पहुंची। अपने बुढ़ापे का सहारा बनने वाले पुत्र का ही सहारा बने दम्पत्ति ने जिलाधिकारी से कहा साहब बिंदु को दिव्यांग पेंशन मिलता था लेकिन दोनों आंखें की पुतली नहीं खुलने के कारण आधार कार्ड नहीं बन रहा है। 2021 से पेंशन बंद हो गया है।

पुत्र के पेंशन के खातिर तीसरी बार जिला स्तरीय दिवस में आया हूं। इसके पश्चात पूर्व के एसडीएम के चौखट पर कई बार गुहार लगा कर थक गया हूं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पायी। दिव्यांग के पिता माता का पीड़ा सुनकर कुछ छड़ के लिए भावुक हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को बुलाकर वही नियमानुसार कार्यवाही (नि.आ.का ) का निर्देश देते हुए कहा कि जो भी हो पात्र दिव्यांग को पेंशन मिलना चाहिए।