स्वास्थ्य सुविधा सस्ती करने के लिए सरकार का पहल
ज्यादा रेट लेने वाके दुकानदार जायेंगे जेल, ब्याज सहित होगी वसूली

Desk news : सरकार ने स्वास्थ्य सुविधा सस्ता करने के लिए तीन दर्जन से अधिक दवाओं के दाम को कम कर दिया है। यह वह दवाएं है जो रोजमर्रा की जिंदगी में लोग उपयोग करते है। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) दवाओं की कीमतें 10 से 15 फीसदी तक कमी की है। अब नए रेट पर ही दवाएं मिलेगी। शासन से साफ किया है की जो भी दुकानदार मुनाफाखोरी के चक़्कर में दवाओं की क़ीमत बढ़ाकर लेता है उसे पकड़े जाने पर जेल व जुर्माना दोनों होगा। जिन दवाओं के क़ीमत में कटौती हुई है इनमें पेरासिटामोलए एटोरवास्टेटिन और एमोक्सिसिलिन जैसी दवाएं शामिल हैं, जो दिल, डायबिटीज और इंफेक्शन से जुड़ी बीमारियों में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होती हैं।
हार्ट पेशेंट्स के लिए जरूरी 75 की गोली अब सिर्फ ₹25.61 में मिलेगी
अब दर्द और सूजन के लिए दी जाने वाली एसीक्लोफेनाक़ पैरासिटामोल़ट्रिप्सिन काइमोट्रिप्सिन टैबलेट की कीमत डॉ. रेडडी की ₹13 और केडिला की ₹15.01 तय हुई है। वहीं हार्ट पेशेंट्स के लिए जरूरी एटोरवास्टेटिन एचएमजी-सीओ, रिडक्टेस इनहिबिटर या स्टैटिन नामक 75 की गोली अब सिर्फ ₹25.61 में मिलेगी। बच्चों को दी जाने वाली सेफिक्साइम और पैरासिटामोल सिरप और विटामिन डी ड्रॉप्स की भी नई दरें तय कर दी गई हैं। डाईक्लोफेनेड इंजेक्शन अब ₹31.77 प्रति मिली में मिलेगा। डायबिटीज के मरीजों को दी जाने वाली कॉम्बिनेशन दवाएं जैसे मेटफॉर्मिन और सिटाग्लिप्टिन अब ₹16.50 में मिलेंगी। इसके अलावा कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल के लिए एटोरवास्टेटिन और एज़ेटिमीब और अस्थमा-एलर्जी में काम आने वाली बिलास्टाइन-मोंटेलुकास्ट टैबलेट भी अब कम कीमत पर उपलब्ध होंगी। दवाओं की नई कीमत जो तय हुई है, वो GST के बिना हैं. अगर किसी दवा पर टैक्स लगेगा, तो उसे अलग से जोड़ा जाएगा।
जरूरत से ज्यादा वसूली गई रकम ब्याज समेत वापस ले ली जाएगी
सरकार ने साफ कर दिया है कि अब पुराने रेट मान्य नहीं हैं। जो नई कीमतें तय हुई हैं, उन्हीं के हिसाब से दवाएं बिकेंगी. कोई कंपनी या दुकानदार ज्यादा पैसे वसूलता है तो उस पर एनपीपीए और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत सख्त कार्रवाई होगी. जरूरत से ज्यादा वसूली गई रकम ब्याज समेत वापस ले ली जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे दवाएं सस्ती होंगी। उनके रेट पारदर्शी होंगे और इलाज का खर्च आम लोगों के लिए थोड़ा हल्का हो जाएगा।