महापुरुषों और इतिहास से सिख लेने की जरूरत: प्रवेश
Chandauli news : महापुरुषों की जीवनी और इतिहास से सिख लेने की जरूरत है। महापुरुषों को किसी जाति विशेष से जोड़ने की बजाय उनके ब्यक्तिव से सीखने की जरूरत है। महापुरुष किसी जाति विशेष के लिए काम नही करते थे। बल्कि समाज को नई दिशा देने के लिए कार्य करते थे। इसलिए वह समाज मे प्रेरणास्रोत बन सके। उक्त बातें शुक्रवार को बृजनंदनी कॉन्वेंट स्कूल में वार्षिक समारोह अरात्रिका के शुभारम्भ के दौरान बीएच यू के वरिष्ठ प्रोफेसर प्रवेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा।

कार्यक्रम का शुभारम्भ विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर विकास कुमार सिंह, डॉ सौरभ त्रिपाठी, धनंजय सिंह, चेयरमैन बिरजू अग्रहरि ने गणेश की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। इसके बाद बच्चों ने गीत संगीत की प्रस्तुति दिया। जिसे देखकर हर कोई अचंभित रहा।

विशिष्ट अतिथि पुरातत्वविद डॉ विकास सिंह ने इतिहास को मूल में रखते हुए पुरातन काल के महत्व को बताते हुए कहा कि विद्यालय और शिक्षक की ही जिम्मेदारी होती है कि कोई चाणक्य और कौटिल्य बन कर इन्हीं छात्रों के बीच से चंद्रगुप्त मौर्य और महान शख्सियतों का निर्माण करें।
विद्यालय के निदेशक डा॰ अखिलेश अग्रहरि ने आए हुए समस्त अतिथियों का स्वागत करते हुए बच्चों के मेहनत को सराहा और जो बच्चे इस वर्ष टॉपर्स की श्रेणी में नहीं आ पाए, उन्हें भी प्रोत्साहित किया साथ ही साथ इस सत्र में होने वाली कई सारी एक्टीविटी के बारे में बच्चों और अभिभावकों में अपने विचारों को साझा किया।
कार्यक्रम में गोकर्ण प्रधान, नंदनी देवी, अमृतांजलि, भानु प्रताप यादव, बृज मोहन, विजय मिश्रा, योगेंद्र मिश्रा, आनंद सिंह, धर्मेंद्र यादव, अनिल श्रीवास्तव, सतेंद्र यादव, अभिषेक यादव, जुगनू , अमित अग्रहरि, सलमा बेगम, सुजीत पाठक, रीना सिंह, संतोष सिंह, कुंदन सिंह, धनंजय यादव, मीरा पाल, संजीव मिश्रा, सिमरन, आजाद उपस्थित रहे।