शनिवार व रविवार के दिन छुट्टी होने के बाद ट्रैक्टर से उतारा जा रहा धान

Chandauli news : क्रय केंद्र पर किसानों से धान न खरीदने के एक दर्जन बहाने केंद्र प्रभारियों के यहां उपलब्ध है। लेकिन वहीं उनके कमीशन खोरी का माध्यम बने व्यापारियों के लिए इनका यह केंद्र 24 घंटे खुला रहता है। कुछ ऐसा है माजरा विपडन शाखा के महेशुआ केंद्र पर रविवार को देखने को मिला। जहाँ किसानों के खरीद के लिए रविवार राजकीय अवकाश है। लेकिन ब्यापारियों के धान से भरे ट्रैक्टर को पुरे इत्मीनान से उतारा जा रहा था।
धान क्रय के लिए 110 केंद्र बनाये गए है। जिसमें विपडन, भारतीय खाद्य निगम, यूपीएसएस, पीसीयू, पीसीएफ जैसे संस्था धान कि खरीद के लिए लगे है। धान का कटोरा कहे जाने वाले जिले में किसानों के धान कि खरीद एक बड़ी चुनौती होती है। जितना यहां उपज है उनके उपज के सापेक्ष धान खरीद नहीं हो पाता है। कारण कि सरकार के निर्धारित लक्ष्य से कई गुना अधिक यहां धान का पैदावार होता है।
सभी किसानों का धान सरकारी रेट पर बिक पाना संभव नहीं है. इसके पीछे किसानों के सामने कई तरह कि समस्याएं इसके लिए अड़चन पैदा करती है। अब हर किसान का धान आसानी से केंद्र पर पहुंच नहीं सकता ऐसे में इसका लाभ ब्यापारी उठाते है। औने पौने क़ीमत पर किसानों के यहां से धान लेकर क्रय केंद्र प्रभारियों के सांठ गांठ से मुनाफा कमा लेते है।
कुछ किसान जो केंद्र तक पहुंच पाते है अपना अनाज लेकर उन्हें केंद्र प्रभारी द्वारा इतना परेशान कर दिया जाता है कि वह अपना धान व्यापारी को बेचने में भलाई समझता है। इधर ब्यापारी किसान से धान लेकर सरकारी केंद्र पर दे देते है। कुछ ऐसा है नजारा रविवार को विपडन शाखा के महेशुआ केंद्र पर देखने को मिला जहाँ शनिवार व रविवार के दिन अवकाश होने के बाद ब्यापारियों के धान को उतारा जा रहा था। आस पास के लोंगो का कहना है कि प्रतिदिन दो से तीन ट्रैक्टर धान यहां ब्यापारियों का सीधे उतारा जाता है। यहां दो केंद्र अ और ब होने के कारण 600 कुंतल प्रतिदिन खरीद करने का लक्ष्य है इससे केंद्र प्रभारी और ब्यापारियों कि चांदी है।
क्या कहते है अधिकारी : इस संबंध में एसडीएम सकलडीहा कुंदन राज कपूर का कहना है कि कुछ केंद्रों पर धान खरीद कि शिकायत मिली है जाँचा करायी जाएगी।