जिला व रेंज के कार्यवाही में दिख रही अंतर

Chandauli news : बलुआ थाना क्षेत्र के चहनिया में खुशबू किन्नर के घर बिस्फोटक से हमला के मामले में किन्नरों के दबाव में बलुआ पुलिस जल्दबाजी करते हुए अभिषेक को पुलिस जेल भेज दी। इस तरह का आरोप लगाते हुए अभिषेक के परिजनों ने मुख्यमंत्री से शिकायत किया। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने डीआईजी को जांच कराने के लिए निर्देश दिए। पूरे घटना कि जांच डीआईजी ने जौनपुर के अपर पुलिस अधीक्षक से कराया जिसमें तत्कालीन एसओ अतुल प्रजापति कि भूमिका संदिग्ध मिली। तत्कालीन थाना प्रभारी अतुल प्रजापति पर कार्यवाही कि तलवार लटकने लगी। जिन्हे बचाने के लिए उन्हें पेशकार बना दिया गया। उधर डीआईजी वैभव कृष्णा तत्कालीन एसओ को लाईन हाजिर व पूरे मामले का विवेचक मोहरगंज चौकी प्रभारी सिद्धार्थ गौतम से कराने कि बात कर रहे है।
मोहरगंज पुलिस चौकी से कुछ दूरी पर 21 दिसंबर 2025 की रात खुशबू किन्नर के तीन मंजिला मकान पर विस्फोट हुआ। खुशबू किन्नर ने सराय निवासी अभिषेक सिंह, विशाल सिंह, विकास सिंह और अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। इस बीच खुशबू किन्नर ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चहनिया चौराहे पर चक्का जाम किया। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि खुशबू किन्नर ने योजना के तहत अपने ही मकान में विस्फोट कराया। विस्फोट में किसी को चोट नहीं लगी और घर के अंदर के कांच का सामान भी क्षतिग्रस्त नहीं हुआ। जेल गए आरोपी विशाल सिंह की पत्नी काजल ने मुख्यमंत्री समेत पुलिस उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर आरोप लगाया कि खुशबू किन्नर का अभिषेक सिंह से पुराना विवाद रहा और साजिश के तहत उनके पति विशाल और भाई मनीष सिंह को जेल भिजवाया गया है।