बरहनी के खुरहट केंद्र का मामला आया सामने, एसडीएम ने किया था जाँच तो बंद मिला था केंद्र
शाम पांच बजे के बाद लगा दिया गया खरीद का अंगूठा

Chandauli news : चंदौली धान का कटोरा कहा जाता है। धान की बालियां ज़ब पक कर तैयार होती है तो इसके सुनहरे रंग जैसे दूर से खेतों में सोना होने का अहसास दिलाती है। लेकिन किसानों के लिए यह धान की भूसी अधिकारियों के लिए सोना हो गयी है। स्थिति यह है कमीशनखोर अधिकारियों के बरधहस्त पर बंद केंद्र पर भी खरीद हो रही है। जिसका लाभ किसानों की बजाय भ्रष्ट अधिकारियों को हो रहा है।

किसानों के धान खरीद के लिए 110 केंद्र खोले गए है। जिसमें विपणन, यूपीएसएस, भारतीय खाद्य निगम सहित आधा दर्जन एजेंसी के केंद्र खोले गए है। जहाँ किसानों से सीधे खरीद करने की बजाय मिलर या बिचौलियों के माध्यम से खरीद हो रही है। इसके पीछे का कारण है कि यूपीएसएस का अधिकांश केंद्र अप्रत्यक्ष रूप से मिलरों का है। यहां सरकारी कर्मचारी के नाम पर सहकारी समिति के सचिव रखे गए है। जो मिलरों के इशारे पर केवल अंगूठा लगा रहे है।

आशिकांश केंद्र पर यह खेल हो रहा है, लेकिन जिनको जिम्मेदारी दी गयी है वह जाँच करने नहीं जानते। क्योकि इस खेल में उनकी भी हिस्सेदारी बंधी है। बुधवार को कुछ ऐसा ही हुआ। ज़ब एसडीएम सदर दिव्या ओझा बरहनी के खुरहट क्रय केंद्र पर बुद्धवार को जाँच करने पहुंची थी। जहाँ पंचायत भवन पर upss का केंद्र बनाया गया है। जिसकी जमनी हकीकत यह है कि इस केंद्र का जीओ टैकिंग होने बाद से अब तक बोरा कांटा ही नहीं पहुंचा है। लेकिन 300 कुंतल धान कि खरीद रोज हो रही है। इसकी शिकायत के बाद सदर एसडीएम दिव्या ओझा जाँच के लिए गयीं रही। जहाँ केवल डस्टर मशीन मिला। किसी भी किसान से मौके पर तौल नहीं हो रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि अब तक यहां एक भी दिन किसान का धान मंगाकर तौल नहीं हुआ।
निरीक्षण के दौरान केंद्र प्रभारी मौजूद नहीं रहे। लेकिन सबसे हास्यदपद स्थिति तो तब हुआ ज़ब केंद्र के बंद होने कि रिपोर्ट एसडीएम ने एडीएम को पत्राचार किया। लेकिन इस कार्य में लगे लोंगो का हौशला इस कदर बढ़ा हुआ है कि देर शाम बंद सेंटर पर भी धान कि खरीद दिखा दी गयी।